आठ फरवरी को चुनाव, 11 को नतीजों की घोषणा, आचार संहिता लागू


निर्वाचन आयोग ने आज निर्वाचन भवन में दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा प्रेस कांफ्रेंस में की। चुनाव आयोग ने बताया कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 8 फरवरी को चुनाव होंगे और 11 फरवरी को मतों की गणना के बाद नतीजे आएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि दिल्ली में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो गई है।
 

ये हैं दिल्ली चुनाव की अहम तारीखें-

  • आज से दिल्ली में चुनाव आचार संहिता लागू।

  • दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें।

  • 14 जनवरी- अधिसूचना जारी होगी।

  • 21 जनवरी- नामांकन भरने की अंतिम तारीख है। 

  • 22 जनवरी- नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी।

  • 24 जनवरी- नाम वापस लेने की आखिरी तारीख।

  • 8 फरवरी- चुनाव होंगे।

  • 11 फरवरी- नतीजे आएंगे।

  • दिल्ली में एक करोड़ 46 लाख वोटर।

  • चुनाव में 90 हजार कर्मचारियों की जरूरत।

  • दिल्ली में 2689 जगहों पर वोटिंग होगी।

  • 13750 पोलिंग बूथ पर डाले जाएंगे वोट।



आचार संहिता लग जाने के बाद हर तरह की सरकारी घोषणा करने पर रोक लग जाएगी। इसके साथ ही पार्टियों के विज्ञापन वाले पोस्टर, बैनर होर्डिंग आदि सभी तरह की प्रचार सामग्री हटा दी जाएगी। बता दें कि दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं। सभी सीटों के लिए चुनाव होना है। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी को समाप्त हो रहा है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 1.46 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली में जो फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित हुई है उसमें कुल 14692136 हैं। इसमें 80.55 लाख पुरुष वोटर हैं और 66.35 महिला वोटर हैं। चुनाव आयोग ने दिल्ली में विभिन्न जातियों के कितने वोटर हैं ये भी जानकारी दी है।

दिल्ली में विभिन्न जातियों के प्रतिशत वोटर कितने हैं-
ब्राह्मण वोटर- 12 फीसदी, 
गुर्जर वोटर- 5 फीसदी, 
यादव वोटर- 2 फीसदी,
पंजाबी खत्री वोटर- 10 फीसदी,
जाट वोटर- 7 फीसदी
राजपूत वोटर- 7 फीसदी
वैश्य वोटर- 8 फीसदी।

 



पार्टियां इन मुद्दों पर मांगेंगी वोट


2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीट जीतकर एतिहासिक जीत दर्ज की थी। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होगी कि वह अपनी कितनी सीटें बचा पाएगी।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी मुख्य रूप से अपने पांच सालों में किए गए काम पर वोट मांग रही है। उसका कहना है कि उसने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी हर क्षेत्र में काम किया है और जनता इस बार उन्हें उनके काम पर वोट देगी। आम आदमी पार्टी को विश्वास है कि जिस तरह उसने दिल्लीवासियों को 20000 लीटर मुफ्त पानी, मुफ्त सफर, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं दी हैं, जनता उन्हें दोबारा सत्ता में ले आएगी।

वहीं भाजपा कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री, पीएम मोदी के नाम और सीएए के मुद्दे पर वोट मांग रही है। भाजपा को यकीन है कि कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री का दाव उसके लिए फायदेमंद हो सकता है।