गौरव चंदेल केस में बड़ी कामयाबी, महिला समेत आशु गैंग का हत्यारोपी गिरफ्तार


 


ग्रेटर नोएडा में गौरव चंदेल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. नोएडा पुलिस और हापुड़ पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी का नाम उमेश है जिसे हापुड़ के धौलाना से गिरफ्तार किया गया है. एक महिला भी गिरफ्तार हुई है. ये दोनों आशु गैंग के बदमाश हैं. आशु गैंग कारजैकिंग, लूट, फिरौती, हत्या की वारदातों को अंजाम देता है. गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है. फिलहाल नोएडा पुलिस हापुड़ में मौजूद है और वहीं पूछताछ की जा रही है.


बता दें, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी और एक निजी कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव चंदेल की 7 जनवरी को उनके घर के पास ही लूट के बाद हत्या कर दी गई थी. शक है कि हत्यारे कारजैकर्स (कार लूटने वाले) गिरोह के सदस्य थे, जिन्होंने पुलिस के वेश में रात में परथला चौक के पास गौरव को रोका था. गौरव गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित अपने ऑफिस से गौर सिटी स्थित घर लौट रहे थे.


अभी कुछ दिन पहले गाजियाबाद की मसूरी पुलिस ने आकाश नगर कालोनी से गौरव चंदेल की कार लावारिस हालत में खड़ी बरामद की थी. बरामदगी के वक्त कार का दरवाजा लॉक था.


हफ्ते भर पहले गाजियाबाद के चिराग अग्रवाल की कार को पुलिस ने बरामद किया था. यह कार उसी जगह से लावारिस हालत में बरामद की गई, जहां से ग्रेटर नोएडा के गौरव चंदेल की कार मिली थी. पुलिस ने आशंका जताई है कि गौरव चंदेल के कातिलों के तार गाजियाबाद से जुड़े हो सकते हैं.



 


गाजियाबाद पुलिस ने मसूरी थाना क्षेत्र में आकाश नगर इलाके में गौरव चंदेल की कार से करीब 1 किलोमीटर दूरी पर चिराग अग्रवाल की टियागो कार को बरामद किया. कार की नंबर प्लेट बदली गई थी, लेकिन कार पर लगे स्टिकर पर कार का सही नंबर लिखा हुआ मिला.


दफ्तर से लौटते वक्त रात में रहस्यमय हालात में गौरव चंदेल कार के साथ गायब हो गए थे. बाद में उनका शव परिजनों ने ढूंढा था. पुलिस ने रात में कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया था और लोगों को थाने से बैरंग वापस भेज दिया था. इसके बाद गौरव के घर वालों ने ही उनका शव बरामद किया था.


हत्यारे गौरव के शव को मौके पर ही फेंक गए थे. जबकि गौरव की एकदम नई कीमती कार हत्यारे अपने साथ ले गए. बाद में मेरठ मंडल की आयुक्त अनिता सी मेश्राम और मेरठ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आलोक सिंह (अब गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त) ने बिसरख के कोतवाल सहित तीन-चार दारोगा और चौकी इंचार्ज सस्पेंड कर दिए. जबकि जांच कोतवाली बिसरख पुलिस से छीनकर एसटीएफ के हवाले कर दी गई थी.